प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस कैसे करे : कम लागत ज्यादा मुनाफा

PLASTIC RECYCLING BUSINESS: इस बात का आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि भारत में प्रतिदिन 26000 टन प्लास्टिक का उत्पादन किया जाता है। प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस (PLASTIC RECYCLING BUSINESS in Hindi) के इस आर्टिकल के जरिए आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस कैसे शुरू करें?

Hey! Do you want to start your own business?
Here I have an idea for you. You can start PLASTIC RECYCLING BUSINESS. Let`s know something about PLASTIC RECYCLING BUSINESS. Everything in Hindi.

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस (PLASTIC RECYCLING BUSINESS)

आज की दुनिया में आप जहां भी देखेंगे आपको हर जगह प्लास्टिक मिलेगा प्लास्टिक बैग, फूड पैकेजिंग, खिलौने, और भी बहुत सारे. प्लास्टिक का उपयोग करना ही प्रदूषण को बढ़ावा देना है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि नवीन प्लास्टिक निर्माण को रोकना और जो पहले से निर्मित है, उसी को वापस रीसायकल करना। इस आर्टिकल में मैं आपके सामने रखने वाला हूँ – प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस का मॉडल। किस तरह से इसको शुरू किया जाता है?, कहां से माल आता है?, वापस कहां बेचना है?, कौन सी मशीनें चाहिए? सब कुछ आपको आगे विस्तार से बताऊंगा।

वेस्ट मैनेजमेंट क्यों महत्वपूर्ण है?

वेस्ट मैनेजमेंट  से मेरा तात्पर्य केवल प्लास्टिक की नहीं बल्कि कांच, मेटल, पेपर इसके साथ-साथ ई-कचरा से भी हैं। आपको जानकार आश्चर्य होगा कि केवल शहरी इलाकों में प्रतिवर्ष औसतन 62 मिलियन टन सॉलि़ड वेस्ट को इकट्ठा किया जाता है। इनमें से 42 मिलियन टन वेस्ट को पुनः एकत्रित किया जाता है। शेष आपको इधर-उधर बिखरा पड़ा मिलेगा। बहुत अच्छी पहल होती हैं यदि कोई रीसाइक्लिंग बिजनेस को स्टार्ट करता है। एक बिजनेसमेन के नजरिए से देखें तो ना तो कोई हाई कॉन्पिटिशन है नहीं कोई घाटा होने का डर। इस आर्टिकल में हम विशेष रूप से यह जानेंगे कि प्लास्टिक रीसाइक्लिंग बिजनेस कैसे शुरू करें.

3R फार्मूला रिड्यूस रीयूज एंड रीसाइकिल

आपने अपनी छोटी कक्षाओं में या पर्यावरण सरंक्षण के विषय में 3R का नियम जरूर पढ़ा होंगा. जो चीजे प्रर्यावरण के हितेषी नहीं हैं उनको कम उपयोग में लेने की सलाह दी जाती हैं। इसके बाद जब तक उसको उपयोग में लाया जा सके बार-बार उपयोग करना चाहिए। इसके बाद वह चीज कचरा बन जाती हैं। तो इसको वापस रीसायकल के लिए भेजा जाता है। यह चक्कर चलता रहता है, इसी को कहते है रीसाइक्लिंग.

reduce-reuse-recycle

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस प्लान

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस को स्थापित करने के लिए आपको एक प्री-प्लान की जरूरत पड़ेगी। आपको प्रत्येक कदम सूझबूझ से लेना होगा। हालांकि इस बिजनेस में घाटा नहीं है, लेकिन आपके गलत कदम आपके लाभ प्रतिशत को घटा सकते हैं। प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस के लिए आपको एक लैंड-पार्ट (भूमि) की जरूरत पड़ेगी जहां पर आप अपना प्लांट स्थापित कर सकते हो. प्लास्टिक को साफ करने के लिए, प्लास्टिक को धोने के लिए मशीनों की आवश्यकता पड़ेगी। इन सारे कामों को संभालने के लिए मजदूरों की आवश्यकता भी पड़ेगी। आपको यह भी देखना होगा कि आपके पास प्लास्टिक आएगा कहां से? और तैयार माल को कहां भेजना है? इसके लिए यातायात की सुविधा भी देखनी होती है। इन सभी का सही तरीके से समायोजन करके सफल व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है।

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस शुरू कैसे करें?

क्योंकि इस व्यवसाय की लागत 15 20 लाख तक की है तो सबसे पहले आपको सरकार से रजिस्ट्री करवानी होगी। आपको बिजनेस के लिए टैक्स आईडेंटिफिकेशन नंबर की जरूरत भी पड़ेगी। इसको आप एनएसडीएल की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करके प्राप्त कर सकते हो। यह सब होने के बाद आपको पूंजी जुठानी होगी। आपके सामने बहुत सारे विकल्प हैं। आप लोन ले सकते हैं, पार्टनरशिप में कर सकते हैं या खुद का व्यापार स्थापित कर सकते हैं। फिर आपको प्लांट, मशीनें, मेन पावर, ट्रांसपोर्ट कि जरुरत पड़ेगी. इतना होने के बाद व्यापार शुरू हो जाएगा।

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस प्लांट

सारी मशीनों के स्थापित करने के साथ-साथ कच्चा माल और तैयार माल को रखने के लिए भी जगह चाहिए होती हैं। और इसके साथ बिजनेस को संचालित करने के लिए ऑफिस की व्यवस्था भी हो सके. इन सभी को स्थापित करने के लिए 1000 वर्ग फुट क्षेत्र की आवश्यकता होती हैं। रीसाइक्लिंग प्लांट के लिए लोकेशन का चयन करते समय इन बातों को मद्देनज़र रखना चाहिए।
प्लांट आबादी वाले क्षेत्र से दूर हो.
प्लांट ऐसे इलाके में स्थित है वहां पर कच्चा प्लास्टिक को आसानी से लाया जा सकता है.
यातायात की व्यवस्था आसानी से हो सके.
मैन पावर आसानी से मिल सके.
पानी और बिजली की व्यवस्था हो.
ये कुछ आम बात है जिन को ध्यान में रखकर लोकेशन का चयन करना चाहिए।

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस में कच्चा माल कहां से आता है?

कच्चे प्लास्टिक के लिए किसी बड़े कबाड़ी वाले और कांटेक्टर से संपर्क कर सकते हैं. कई सारे कबाड़ी वालों के पास बहुत बड़े-बड़े गोदाम होते हैं. जहां से वे कच्चे प्लास्टिक की सप्लाई करते हैं।

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस के लिए मशीनें

इस बिज़नेस को स्थापित करने का मुख्य हिस्सा — मशीनों की व्यवस्था करना है। प्लास्टिक को साफ करने, उसकी कटाई करने, उसकी धुलाई करने, हीटिंग करने के लिए अलग-अलग मशीनों की आवश्यकता होती हैं। इन मशीनों को क्रम के अनुसार जानते हैं।

डस्ट क्लीनर

प्लांट पर प्लास्टिक आने के बाद सबसे पहला कदम प्लास्टिक के अंदर से धूल-कचरा को साफ करना होता है। इसके लिए एक मशीन की आवश्यकता होती है डस्ट-क्लीनर. डस्ट क्लीनर के अंदर जब प्लास्टिक को डाला जाता है तो प्लास्टिक के अंदर से सारे कचरे को अलग कर देता हैं। डस्ट-क्लीनर की कीमत लगभग 180000 तक होती है।

प्लास्टिक स्क्रैप चक्की

प्लास्टिक के साफ़ होने के बाद प्लास्टिक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इसके लिए प्लास्टिक स्क्रैप चक्की को काम में लाया जाता है। प्लास्टिक स्क्रैप चक्की का बाजार मूल्य डेढ़ लाख तक होता है।

धुलाई और कन्वेयर मशीन

धुलाई कन्वेयर की लंबाई लगभग 6 से 14 फुट या आवश्यकता अनुसार बनवाई जा सकती है। प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े जो स्क्रैप चक्की से निकाले जाते हैं, इस में डाले जाते हैं। 1 घंटे में लगभग 100 किलो प्लास्टिक को साफ किया जा सकता है. धुलाई और कन्वेयर मशीन की लागत 200000 होती हैं.

फिल्म ड्रायर और अग्लोमेरेटर मशीन

प्लास्टिक को धोने के बाद उसको सुखाने के लिए फिल्म ड्रायर मैं डाल दिया जाता है। फिल्म ड्रायर से सूखने के बाद प्लास्टिक को अग्लोमेरेटर मशीन में डाला जाता है। अग्लोमेरेटर मशीन से प्लास्टिक ज्यादा सूखा और कटा हुआ निकलता है। फिल्म-ड्रायर और अग्लोमेरेटर मशीन की कीमत ढाई लाख तक होती है।

प्लास्टिक रीसाइकलिंग मशीन

प्लास्टिक रीसाइकलिंग मशीन के साथ पानी की टंकी, कटर-मशीन और पैनल शामिल होते हैं। अग्लोमेरेटर मशीन से निकाला हुआ प्लास्टिक रीसाइक्लिंग मशीन के हॉपर में डाला जाता है। जहां से प्लास्टिक हिटिंग बैरल में जाता है. बैरल के दूसरे किनारे से प्लास्टिक तरल रूप में निकलता है। इसे ठंडा करने के लिए टंकी में से गुजारा जाता है। ठंडा होने के बाद प्लास्टिक को कटने के लिए कटर मशीन तक पहुंचा दिया जाता है। कटर मशीन से प्लास्टिक छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाता है। यह टुकड़े बाजार में बिकने के लिए तैयार हैं। प्लास्टिक रीसाइकलिंग मशीन के साथ टंकी और कटर मशीन की कीमत साढ़े नौ लाख तक होती हैं।

plastic recycling machine

मेन पावर

मशीनों को चलाने के लिए, माल को छांटने के लिए, तैयार माल को लोडिंग के लिए मजदूरों की आवश्यकता होती है। पूरे एक रीसाइक्लिंग सेट को चलाने के लिए 10 से 12 मजदूरों की आवश्यकता होती है।

रीसाइकल्ड प्लास्टिक कहां बेचे ?

रीसाइक्लिंग किया हुआ माल कहां बेचे? आपके पास दो विकल्प हैं. एक तो आप अपने खुद के प्रोडक्ट बना सकते हो. इसके लिए इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन की आवश्यकता होती है। दूसरा आप ऐसी जगह पर पहुंचा सकते हो जहां पहले से ही प्लास्टिक उत्पादों का निर्माण किया जाता है। इस बिजनेस में मार्केटिंग का ज्यादा काम तो नहीं है. सीधा ही b2b मॉडल है.
इंडिया मार्ट कि वेबसाइट पर जाकर आप सीधा कांटेक्ट करके अपना माल नजदीकी किसी कंपनी में बेच सकते हों.

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस में मार्जिन

1 घंटे में लगभग 100 किलो प्लास्टिक को पुनःचक्रित किया जा सकता है। 10 मजदूरों और दिन के 8 घंटे का काम लेकर चले तो 800 किलो प्लास्टिक का चक्रण किया जा सकता है. यहां पर एक बात आती हैं, आपने प्लास्टिक कितने में खरीदा शुरू में मैंने आपसे एक लाइन कही थी हमारे गलत कदम हमारे लाभ प्रतिशत को तोड़ सकते हैं। 800 किलो प्लास्टिक को मान लो, 8 किलो के भाव से खरीदा. (800*8 = 6400). पानी व बिजली की लागत 1500 प्रति दिन मान ले. 10 मजदूर 400, 500 के हिसाब से 5000, ट्रांसपोर्ट का खर्चा 5000 मान ले. कुल मिलाकर 18000 खर्चा प्रतिदिन का औसतन मान लेते हैं। आपका तैयार माल कलर के हिसाब से बिकता है। 30 से लेकर 60 प्रति किलो के भाव से बिकता है। हम 45 मानकर चलें तो (800*45 = 36000). अब आप ही अंदाजा लगाइए.
प्लास्टिक बोतल की स्क्रैप थोड़ी सस्ती बिकती है लगभग 35 40 प्रति किलो के भाव से।

यह भी पढ़ें = नए बिजनेस के लिए लोन कैसे लें?

प्लास्टिक रीसाइकलिंग बिजनेस के लिए मशीन कहां से खरीदें

इंडिया मार्ट की वेबसाइट या इसके समांतर आपको और वेबसाइट मिल जाएगी। वहां से आप कांटेक्ट करके मशीनों को बनवा सकते हैं या खरीद सकते हैं. वहीं पर आप यह भी जान सकते हैं कि किस मशीन को किस तरह से उपयोग में लाया जाता है।

उम्मीद करता हूं कि मोटे-मोटे तौर पर आपको सारा मामला समझ में आ गया होगा। यदि कोई सवाल, शंका, सुझाव है तो आप अपने विचारों को कमेंट बॉक्स में दर्शा सकते हैं।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Vyvsay